अभिषेक तैलंग. इस दशक का पहला CES शुरू होने में बस चंद ही घंटे बचे हैं। CES यानी कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो, हर साल लास वेगास में होने वाला दुनिया का सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी का मेला। जहां दुनिया जहां की तमाम टेक कंपनियां अपने सबसे बेहतरीन गैजेट्स दिखाती हैं। जनवरी के पहले हफ्ते में होने वाले टेग के इस महाकुंभ से ही इस बात का अंदाजा लगता है कि आने वाले सालों में टेक्नोलॉजी की बयार किस दिशा में बहेगी। इस साल का CES तो और भी ज्यादा जरूरी है क्योंकि ये इस दशक का पहला CES होगा।
तो इस साल CES में क्या वो 3 बड़े ट्रेंड्स होंगे जो आने वाले 10 सालों तक हमारी टेक लाइफ को आगे बढ़ाने की ताकत रखते है (और मैं 5G और स्मार्टफोन की बात नहीं कर रहा)।
घर बनेगा स्मार्ट :स्मार्ट होम और उससे जुड़े ढेरों गैजेट्स साल 2015 के बाद से ही हमारे रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बनने लगे हैं। इस साल CES में भी हमें यही ट्रेंड देखने को मिलेगा जहां ढेरों छोटी बड़ी कंपनियां इंटरनेट ऑफ थिंक्स (IOT) के कॉन्सेप्ट के तहत ढेरों कनेक्टेड डिवाइस दिखाएंगी। जहां गूगल और अमेजन जैसी कंपनियां स्मार्ट गैजेट्स के क्षेत्र में अपने दबदबे का पूरा नजारा CES के मंच पर दिखाएंगी, वहीं दूसरी तरफ कई छोटे-मोटे स्टार्टअप्स से भी ढेरों दिलचस्प स्मार्ट होम के कॉन्सेप्ट देखने को मिलेंगे। जिसमें घर को सिक्योर बनाने वाले स्मार्ट सिक्योरिटी सिस्टम से लेकर हर घर में इस्तेमाल होने वाले कंज्यूमर एप्लिकेशन को भी और ज्यादा स्मार्ट और इंटरनेट कनेक्टेड बनाए जाने की होड़ मचेगी।
अब इसमें भी देखना ये दिलचस्प होगा कि कौन-सी कंपनी ज्यादा गैजेट्स दिखाती है? अमेजन, गूगल या कोई और?
स्मार्ट कारें :2010 के बाद से ही CES में ऑटोमोबाइल सेक्टर भी काफी जोर-शोर से हिस्सा लेने लगा है। पिछले 10-15 सालों में स्मार्ट कार्स या स्मार्ट असिस्टेंट सिस्टम की टेक्नोलॉजी को CES के मंच से बढ़-चढ़ कर दिखाया जाता रहा है। इस साल के CES में भी स्मार्ट कार्स और आम कार को स्मार्ट बनाने के लायक ढेरों गैजेट्स दिखाए जाएंगे। आपकी कार के अंदर के एंटरटेनमेंट सिस्टम का मेकओवर करने वाले भी कई सिस्टम देखने को मिलेंगे। उम्मीद है कि कार एंटरटेनमेंट सिस्टम में वॉयस इनेबल असिस्टेंट और सर्विसेज के कई पहलू देखने को मिलेंगे। पर इतना तय है कि वॉयस और बायोमैट्रिक्स का कैसे कार की सेफ्टी और आपके एक्सपीरियंस को बेहतर बनाया जाए, इसमें कई इनोवेशन दिखने की उम्मीद रहेगी।
इसके साथ ही एडवांस ड्राइव असिस्टेंट सिस्टम की भी धूम रहेगी। जिससे आपकी कार पूरी तरह से सेल्फी ड्राइव ना सही पर काफी हद तक खुद से ड्राइव करना सीखने लगेगी। जिसमें कम दूरी या लिमिटेड स्पीड पर सेल्फी ड्राइविंग भी शामिल हो सकती है।
वियरेबल्स :स्मार्टवॉचेस और फिटनेस बैंड्स तो अभी भी रहेंगे पर वियरेबल्स टेक्नोलॉजी में पिछले कई सालों से VR और AR को बढ़ावा दिया जा रहा है। पर अब तक गेमिंग और एंटरनेटनेंट के क्षेत्र में ही ज्यादातर इनके इस्तेमाल के बारे में सोचा जा रहा था। उम्मीद है कि इस बार हेल्थ सेक्टर और ट्रेनिंग के लिहाज से भी AR और VR पर छोटे-मोटे स्टार्टअप्स के अलावा एपल, गूगल, फेसबुक जैसे बड़े नाम भी सोचेंगे।
(अभिषेक तैलंग, टेक गुरू और मशहूर यूट्यूबर हैं)
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